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राजस्थान विधानसभा का ‘अशुभ’ सचः यहां कभी भी एक साथ नहीं रहे 200 विधायक ……आखिर क्यों है इस तरह का अंधविश्वास ? ???

 

राजस्थान विधानसभा को लेकर अब तक कहा जाता रहा है कि इस भवन में प्रेत आत्माओं का साया है और इसी वजह से कभी भी 200 विधायक एक साथ सदन में नहीं रहे

मोक्षधाम की जमीन पर बनी है राजस्थान की विधानसभा, क्या यही है ‘अपशगुन’ की वजह?

राजस्थान की राजनीति में लोग कहते हैं कि न जाने क्यों राजस्थान विधानसभा भवन में आज तक कभी भी सभी 200 विधायक एक साथ नहीं बैठ सके हैं.

जयपुर: राजस्थान विधानसभा चुनाव से ठीक पहले रामगढ़ सीट से बीएसपी प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह की मौत की घटना के बाद से पूरे राज्य में एक चर्चा फिर शुरू हो चुकी है. आपसी बातचीत में लोग इस मौत को राजस्थान विधानसभा भवन से जोड़कर बताते हैं. राजस्थान की राजनीति में लोग कहते हैं कि न जाने क्यों राजस्थान विधानसभा भवन में आज तक कभी भी सभी 200 विधायक एक साथ नहीं बैठ सके हैं. लक्ष्मण सिंह की मौत के साथ ही रामगढ़ सीट पर बाद में चुनाव होना तय है. ऐसे में इस बार फिर से राजस्थान विधानसभा भवन में एक साथ 200 विधायक नहीं बैठेंगे.

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LATE LAXMAN SINGH

राजस्थान विधानसभा चुनाव से ठीक 7 दिन पहले अलवर की रामगढ़ विधानसभा सीट से बसपा उम्मीदवार लक्ष्मण सिंह की मौत के बाद एक बार फिर विधानसभा भवन के अपशकुनी होने की चर्चाएं चुनावों में भी देखने को मिलीं.

राजस्थान विधानसभा को लेकर अब तक कहा जाता रहा है कि इस भवन में प्रेत आत्माओं का साया है और इसी वजह से कभी भी 200 विधायक एक साथ सदन में नहीं रहे. इसी साल सरकारी मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर ने इस मसले पर कहा था कि विधानसभा अपशकुनी है, विधानसभा में आत्माएं घूम रही हैं

मौजूदा विधानसभा भवन 1999 में बनकर तैयार हुआ है. इस भवन के निर्माण के दौरान हुई अलग-अलग दुर्घटनाओं में करीब छह मजदूरों की मौत हो गई थी. बताया जाता है कि इस विधानसभा भवन के निर्माण में मोक्षधाम (श्मशान घाट) की जमीन ली गई है. 17 एकड़ में फैले इस भवन से करीब 200 मीटर की दूरी पर अभी भी मोक्षधाम है. इतना ही नहीं, पास में ही एक मजार भी है. इस बार के बजट सत्र के दौरान बीजेपी विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने सार्वजनिक रूप से कह दिया था कि विधानसभा भवन अपशकुनी है

इतना ही नहीं सरकार की ओर से इस अपशकुन से छुटकारा पाने को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से अनुष्ठान करवाने के लिए कहा जा चुका है. इस संबंध में जब मुख्य सचेतक गुर्जर से पूछा गया तो उनका कहना था कि विधानसभा में कभी भी 200 विधायक एक साथ नहीं रहे, कुछ न कुछ होता रहता है, यह सब आत्माओं की वजह से है. विधानसभा श्मशान और कब्रिस्तान की जमीन पर बनी है, बिना विधि-विधान के विधानसभा भवन चालू हुआ. जिसकी वजह से कुछ न कुछ होता रहता है. इसी वजह से कभी भी 200 विधायक एक साथ यहां नहीं रहे.

 

FILE PHOTO LATE KIRTI KUMARI

पिछले साल अगस्त में मांडलगढ़ से बीजेपी विधायक कीर्ति कुमारी का स्वाइन फ्लू से निधन हुआ,

LATE KALYAN SINGH (FILE PHOTO)

इसके सात माह बाद ही बीजेपी विधायक कल्याण सिंह चौहान का कैंसर की वजह से निधन हो गया. यह संयोग है लेकिन बीजेपी विधायक इससे खौफ में जरूर है.

 

कभी पूरा नहीं हुआ 200 का आंकड़ा
राजस्थान विधानसभा का नया भवन 1999 में बनकर तैयार हुआ, लेकिन विधानसभा भवन के निर्माण के दौरान ही करीब आधा दर्जन मजदूरों की अलग-अलग कारणों से मौत हो गई. साल 2000 में इसमें नियमित बैठकें शुरू हो गईं. विधानसभा के नए भवन में शिफ्ट होने के बाद एक संयोग जुड़ गया कि किसी न किसी कारण से पूरे 200 विधायक कभी एक साथ नहीं बैठे. या तो विधायक के लोकसभा चुनाव जीतकर सासंद बन जाने से सीट खाली हुई या किसी विधायक की मौत का कारण रहा कि 200 का आंकड़ा कभी पूरा ही नहीं हुआ.

 

2000 की कांग्रेस सरकार में सागवाड़ा विधायक का निधन

 


साल 2000 में गहलोत सरकार में मंत्री और सागवाड़ा से विधायक भीखा भाई भील का निधन हुआ, इसी साल लूणकरणसर से विधायक भीमसैन चौधरी का निधन हुआ.

2003 की बीजेपी सरकार में लूणी और डीग विधायक का निधन
2003 से 2008 के बीजेपी सरकार के कार्यकाल में भी यह संयोग जारी रहा. 2004 में लूणी से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री रामसिंह बिश्नोई का निधन हुआ. 2005 में डीग से बीजेपी विधायक अरुण सिंह का निधन हो गया और इन दोनों जगह उपचुनाव हुआ.

भंवरीदेवी हत्याकांड के चलते दो विधायक जेल पहुंचे
साल 2008 से 2013 में 13 वीं विधानसभा के दौरान किसी मौजूदा विधायक का निधन नहीं हुआ लेकिन चार विधायकों के जेल जाने से सदन में विधायकों की संख्या फिर कम हो हुई. दिसंबर 2011 में मंत्री रहते हुए महिपाल मदेरणा और विधायक मलखान बिश्नोई भवरी देवी हत्या प्रकरण में जेल चले गए, दारिया एनकाउंटर मामले में बीजेपी विधायक राजेंद्र राठौड़ भी कुछ समय जेल में रहे और बाद में दुष्कर्म मामले में 2013 मेंं तत्कालीन मंत्री बाबूलाल नागर को जेल हो गई.

कुछ भी हो लेकिन एक बात तो साबित होती है और वो है ये की 200 लोग एक साथ कभी भी राजस्थान प्रदेश की विधानसभा भवन में एक साथ नही बैठ पाए कारण कुछ भी हो अब ये देखने वाली बात है कि अब बीस साल बीतने के बाद आखिरकार क्या ये बात सारे सवाल और सारे संशय की स्थिति पर पूर्ण विराम लग सकता है अब वक्त बिल्कुल नजदीक है …..क्योंकि जनवरी महीने में ही अलवर के रामगढ़ सीट पर चुनाव है और वहाँ से  एक कोई विधायक इसी राजस्थान विधानसभा भवन में बैठने आएगा जो कि खाली पड़ी 200वी कुर्सी पर बैठकर बीस सालों से चले आ रहे अंधविश्वास पर से पर्दा उठा देगा ।।

Expose4india news desk rajasthan

 

 LATEST NEWS ——राजस्थान में BJP से बागी हुए कुंवर जगत सिंह, रामगढ़ में BSP से लड़ेंगे चुनाव

 

 

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 के दंगल में कांग्रेस से मात खाने वाली बीजेपी का दामन छोड़ कामां से विधायक रहे जगत सिंह अब रामगढ़ (अलवर) में बहुजन समाजवादी पार्टी से चुनाव लड़ेंगे. रामगढ़ में 28 जनवरी को चुनाव है और जगत सिंह ने दावा किया है कि वे बसपा से चुनाव लड़ेंगे. प्रदेश में पिछले महीने 7 तारीख को हुए चुनाव में शेष रही एक मात्र रामगढ़ सीट पर मतदान सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक होगा. हालांकि परिणाम जारी होने की तारीख का ऐलान अभी नहीं किया गया है.

अलवर जिले की कामां विधानसभा सीट से बीजेपी ने इस बार जगत सिंह का टिकट काटा था और जवाहर सिंह को प्रत्याशी बनाया था. लेकिन पार्टी पर यह दांव उलटा पड़ा और यह सीट करीब 39 हजार वोट से गंवा दी. इस नाराजगी के बाद अब जगत सिंह ने पार्टी बदल कर बसपा का दामन थाम लिया है. बता दें कि प्रदेश की 200 विधानसभा सीटों पर 7 दिसंबर को मतदान होना था लेकिन बसपा प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह के निधन के चलते रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में मतदान नहीं हो सका था. वहां चुनाव स्थगित कर दिया गया था.

 

EXPOSE4INDIA NEWS DESK RAJASTHAN

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